लंबी बहस के बाद वक़्फ़ (अमेन्डमेन्ट) बिल, 2025 लोकसभा में पारित,
लगभग 12 घंटे तक चली गहन बहस के बाद वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 (Waqf (Amendment) Bill) को आधी रात के बाद लगभग 2 बजे लोकसभा में पारित कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कल (2 अप्रैल) को लोकसभा में विधेयक पेश किया। विधेयक के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 मत पड़े।
वक्फ किसी भी व्यक्ति द्वारा मुस्लिम कानून द्वारा पवित्र, धार्मिक या धर्मार्थ के रूप में मान्यता प्राप्त किसी भी उद्देश्य के लिए स्थायी समर्पण है। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को पिछले साल 8 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था। मौजूदा वक्फ अधिनियम, 1995 (जैसा कि 2013 में संशोधित किया गया) में लगभग 40 संशोधन प्रस्तावित किए गए, जिनका उद्देश्य वक्फ प्रशासन का आधुनिकीकरण करना, मुकदमेबाजी को कम करना और वक्फ संपत्तियों का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना था।
विपक्ष की तीखी बहस और आलोचना के बाद इसे प्रस्तावित सुधारों की व्यापक जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया। JPC ने कुछ बदलावों के साथ विधेयक को कमोबेश स्वीकार कर लिया। बहस के दौरान सरकार और उसके सदस्यों ने स्पष्ट किया कि अधिनियम का उद्देश्य वक्फ संपत्ति का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वक्त से प्राप्त राजस्व मुसलमानों के कल्याण के लिए समान रूप से विभाजित हो।