तरूण गाबा बने लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर,CBI से लेकर महाकुंभ तक संभाल चुके जिम्मेदारियां,
अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा के पद पर इसके पहले कार्यरत थे,
मंगलवार को हुए आईपीएस ट्रांसफर में एक बार फिर उन्हें लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है इस प्रकार 11 माह बाद एक बार फिर उनकी लखनऊ में वापसी हो गई है,
तरुण गाबा यूपी कैडर के 2001 बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें लखनऊ कमिश्नरेट में दूसरी बार नियुक्ति मिली है। वे मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर रहे तरुण गाबा ने पीएसी, कारागार प्रशासन, एसएसएफ, सीबीआई और अन्य महत्वपूर्ण महकमों में अपनी सेवाएं दी हैं। उन्हें रिजल्ट देने वाले अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। सीबीआई में तैनाती के साथ केंद्र में उन्होंने काफी समय तक काम किया। यूपी कैडर में वे वापस वर्ष 2020 में लौटे,गृह सचिव पद की भी जिम्मेदारी संभाला
योगी सरकार ने क्राइम कंट्रोल के लिए वर्ष 2020 में तरुण गाबा को गृह सचिव बनाया था। उन्होंने एसके भगत का स्थान लिया था। इसके अलावा वे यूपी के 5 जिलों में पुलिस प्रमुख का पद संभाल चुके हैं। महाकुंभ के सफल आयोजन में भी तरुण गाबा ने बड़ी भूमिका निभाई।प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए उन्होंने योजना तैयार की थी। इसके अलावा महाकुंभ को सुरक्षा के लिहाज से सफल बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई थी।
उत्तर प्रदेश में 15 IPS अधिकारियों के तबादले किए गए, अमरेंद्र के० सेंगर को डीजी (इंटेलिजेंस) बनाया गया है. पीयूष मोर्डिया प्रयागराज के पुलिस आयुक्त और मुथा अशोक जैन डीजी (फायर सर्विसेस) नियुक्त हुए हैं.
अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा के पद पर इसके पहले कार्यरत थे,