यूपी हाईकोर्ट की त्वरित न्याय का एक महत्वपूर्ण उदाहरण आया सामने,
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने रविवार सुबह 6 बजे विशेष सुनवाई करते हुए सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) 2025 मुख्य परीक्षा की अभ्यर्थी शालिनी पांडे को बड़ी राहत प्रदान की। परीक्षा उसी दिन सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, इसलिए मामले की अत्यधिक तात्कालिकता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश के 27 जून 2026 के प्रशासनिक आदेश के बाद माननीय न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय ने अपने आवास पर विशेष बैठक कर याचिका पर सुनवाई की।
शालिनी पांडे ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित APO 2025 प्रारंभिक परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और 17 मई 2026 को आवेदन पत्र की मुद्रित प्रति तथा सभी स्वप्रमाणित शैक्षणिक दस्तावेज स्पीड पोस्ट के माध्यम से आयोग को भेज दिए। याचिका के अनुसार, ये दस्तावेज समय पर आयोग को प्राप्त भी हो गए थे, लेकिन 11 जून 2026 के आदेश के जरिए उनका अभ्यर्थन केवल इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उन्होंने मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी जमा नहीं की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनुराग त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि इसी प्रकार के एक मामले में हाईकोर्ट की समन्वय पीठ पहले ही एक अभ्यर्थी को अंतरिम राहत दे चुकी है। वहीं आयोग की ओर से अधिवक्ता आर. के. उपाध्याय ने इस बात का विरोध नहीं किया कि याचिकाकर्ता ने ऑनलाइन आवेदन किया था। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि आयोग के अधिकारी इस मामले से अवगत हैं और अभ्यर्थी को अस्थायी रूप से परीक्षा में शामिल कराने की व्यवस्था की जा सकती है।
सभी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद माननीय न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए शालिनी पांडे को मुख्य परीक्षा में अस्थायी रूप से शामिल होने की अनुमति दे दी। साथ ही आयोग के अधिवक्ता को तत्काल आयोग के सचिव को सूचित करने का निर्देश दिया गया ताकि लखनऊ के किसी भी परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति सुनिश्चित की जा सके। न्यायालय ने 11 जून 2026 के आदेश को चुनौती देने के लिए संशोधन आवेदन दाखिल करने की अनुमति भी दी है। राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है, जबकि याचिकाकर्ता इसके बाद एक सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल कर सकेगी। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई 2026 को होगी।
यह फैसला दर्शाता है कि न्यायपालिका आवश्यकता पड़ने पर अवकाश के दिन भी त्वरित सुनवाई कर किसी अभ्यर्थी के अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए तत्पर रहती है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने रविवार सुबह 6 बजे विशेष सुनवाई करते हुए सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) 2025 मुख्य परीक्षा की अभ्यर्थी शालिनी पांडे को बड़ी राहत प्रदान की। परीक्षा उसी दिन सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, इसलिए मामले की अत्यधिक तात्कालिकता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश के 27 जून 2026 के प्रशासनिक आदेश के बाद माननीय न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय ने अपने आवास पर विशेष बैठक कर याचिका पर सुनवाई की।